सीटों को लेकर जदयू और राजद में मंथन
इंडी एलायंस में देश की सबसे पुरानी पार्टी सबसे ज्यादा ताकतवर दिख रही है और उसी हिसाब से वह प्रतिनिधित्व चाहती है।कांग्रेस ने 10 से 11 सीटों की मांग रखी है। भाजपा -जदयू के साथ लोक जनशक्ति पार्टी गटबंधन ने बाकी 39 सीटे अपने नाम की थी। राजद राज्य विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी है और सरकार में भी है।जदयू राज्य विधानसभा में तीसरे नंबर की पार्टी है ,लेकिन लोकसभा की जीती सीटों के हिसाब से भाजपा के बाद दुसरे नंबर इकी पार्टी है। इसलिए , यह पेंच फसा हुआ है।कांग्रेस और राजद की परेशानी से वामदलों में भी चिंता है और आगामी चुनाव से ठीक पहले इधर या उधर का खेमा पकड़ने वाले छोटे दल-समूह भी असमंजस में है।
जदयू नेता केसी त्यागी ने दिल्ली में कहा कि 16 जीती सीटों के अलावा दुसरे नंबर पर ही एक सीट मिलाकर कुल 17 सीटें जदयू के खाते की है। पटना में जदयू कोटे के सबसे सीनियर मंत्री बिजेंदर यादव ने भी 17 सीटों की बात की।अंतिम तौर पर खुद मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रिय अध्यक्ष नीतीश कुमार यह बात कह देंगे ,लेकिन अभी राजद -कांग्रेस के बीच समन्वय पर उनकी नजर है।राजद को जिन 23-24 सीटों को बांटना है ,उसमें वामदल भी शामिल है। सोमवार को डी.राजा भी पटना में नीतीश कुमार से मिले।लेकिन,बताया जा रहा है कि जीती सीटों पर जदयू कोई समझौता के लिए तैयार नहीं है।






