यूनिवर्सिटी के सभी वीसी का केके पाठक द्वारा वेतन रोका गया
बिहार के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति के खिलाफ शिक्षा विभाग के एसीएस केके पाठक ने बड़ी कार्रवाई की है। बिहार के सभी कुलपतियों का वेतन रोक दिया गया है। मगध विश्वविद्यालय और संस्कृत विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक को छोड़कर सभी विश्वविद्यालय के एग्जाम कंट्रोलर का वेतन रोका गया है। आईएएस केके पाठक ने पूछा कि काम सही से पूरा नहीं करने पर आप पर FIR क्यों नहीं किया जाए। शिक्षा सचिव वैद्यनाथ यादव ने सभी विश्वविद्यालय के कुलपति और कुल सचिव को पत्र लिखा है।
विश्वविद्यालय की लंबित परीक्षा की समीक्षा के लिए मीटिंग बुलाई गई थी। राजभवन ने कुलपतियों को शिक्षा विभाग की बैठक में जाने की अनुमति नहीं थी। केके पाठक ने बैठक में अनुपस्थित सभी अधिअक्रियों से शो कॉज किया है। केके पाठक के इस एक्शन के बाद अब राजभवन और शिक्षा विभाग के बिच फिर से तकरार हो गया है। विभाग का कहना है कि यूनिवर्सिटी एक्ट के सेक्शन-30 के तहत परीक्षा के ससमय सञ्चालन का पूरा जिम्मा राज्य सरकार का है। परीक्षा में लगे हुए सभी कॉलेज /यूनिवर्सिटी कर्मी /पदाधिकारी IPC के तहत लोक सेवक माने जाते है। साथ ही यूनिवर्सिटी एक्ट के सेक्शन-4 (2) और सेक्शन -30 में यह स्पष्ट है कि समय से परीक्षा कराना कॉलेज/यूनिवर्सिटी कर्मी /पदाधिकारीयों के महत्वपूर्ण दायित्वों में से एक हैं।






