PM बोले- किताबें भले जल जाएं, ज्ञान नहीं मिटता:नालंदा सिर्फ नाम नहीं, एक पहचान है, एक सम्मान है; यूनिवर्सिटी के नए कैंपस का किया उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "मुझे तीसरे कार्यकाल के लिए शपथ ग्रहण करने के बाद पहले 10 दिनों में ही नालंदा आने का अवसर मिला है। यह मेरा सौभाग्य तो है ही, मैं इसे भारत की विकास यात्रा के एक शुभ संकेत के रूप में देखता हूं। नालंदा केवल एक नाम नहीं है। नालंदा एक पहचान है, एक सम्मान है। नालंदा एक मूल्य है, मंत्र है, गौरव है, गाथा है। नालंदा इस सत्य का उद्घोष है कि आग की लपटों में पुस्तकें भले जल जाएं लेकिन आग की लपटें ज्ञान को नहीं मिटा सकतीं।"

PM बोले- किताबें भले जल जाएं, ज्ञान नहीं मिटता:नालंदा सिर्फ नाम नहीं, एक पहचान है, एक सम्मान है; यूनिवर्सिटी के नए कैंपस का किया उद्घाटन
Nalanda

पीएम नरेंद्र मोदी ने नालंदा यूनिवर्सिटी के नए स्वरूप का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि मुझे तीसरे कार्यकाल के शपथ ग्रहण करने के बाद पहले 10 दिनों में ही नालंदा आने का मौका मिला है। ये मेरा सौभाग्य तो है ही मैं इसे भारत की विकास यात्रा के शुभ संकेत के रूप में देखता हूं।

नालंदा सिर्फ नाम नहीं नालंदा एक पहचान है। एक सम्मान है। आग की लपटों में किताबें भले जल जाएं, लेकिन वो ज्ञान को नहीं मिटा सकती।

कार्यक्रम में सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि पुरानी सरकार बात नहीं सुनती थी। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी के लिए कई बार उन्होंने अनुरोध किया था।

इससे पहले प्रधानमंत्री ने करीब 15 मिनट तक 1600 साल पुराने प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के खंडहर का दौरा किया। खंडहर में प्रधानमंत्री 10.03 बजे पहुंचे। 10.24 मिनट पर वे वहां से निकल गए।

इसके बाद प्रधानमंत्री प्राचीन नालंदा यूनिवर्सिटी पहुंचे। वहां उन्होंने नालंदा यूनिवर्सिटी के नए स्वरूप को देश को समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने यूनिवर्सिटी कैंपस में पौधा भी लगाया।

पीएम के साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर, बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी नालंदा में मौजूद हैं। कार्यक्रम में 17 देशों के प्रतिनिधि पहुंचे हैं।

लोकसभा चुनाव के बाद पीएम मोदी की बिहार में यह पहली सरकारी यात्रा है। माना जा रहा है कि पीएम इस दौरान एनडीए की मजबूती और नीतीश कुमार के साथ एकजुटता का मैसेज भी देंगे।