वन विभाग ने 250 आदिवासी झोपड़ी में लगाई आग:महिलाओं ने कार्यालय का किया घेराव, लक्ष्मीपुर जंगल में एक साल से रह रहे थे सभी

चंद्रमंडीह थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर जंगल में एक साल से झोपड़ी बना कर रह रहे 250 आदिवासियों को वन विभाग ने हटाकर जला दिया। घटना के विरोध में लक्ष्मीपुर, बनाडीह, केवाल, नोनतारा, कांशा, बथनावरन गांव की आदिवासी महिलाओं ने पारंम्परिक हथियार, नगाड़ा, हसुआ लेकर सिमुलतला वन कार्यालय का घेराव किया। उनका कहना था कि लक्ष्मीपुर जंगल में पिछले एक साल से से झोपड़ी बनाकर रह रहे थे। दो दिन पहले केवाल और सिमुलतला वन विभाग के पदाधिकारियों ने झोपड़ी हटाने के लिए कहा और आज आग लगाकर जला दिया। इसके साथ ही बताया की वह लोग भूमिहीन है कहां रहेंगे। वह लोग कई सालों से जंगल में ही रहते आ रहे है। जब तक उन लोगों का फैसला नहीं होगा, वह लोग यहां से नहीं हटेंगे। इस संबंध में चकाई रेंजर संजय कुमार से बातचीत करने पर उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की ओर से जो आरोप लगाया गया है, वह गलत है। ग्रामीण अंचलाधिकारी जब जमीन को आवंटित कर देंगे तब उनको रहने दिया जाएगा।

वन विभाग ने 250 आदिवासी झोपड़ी में लगाई आग:महिलाओं ने कार्यालय का किया घेराव, लक्ष्मीपुर जंगल में एक साल से रह रहे थे सभी

चंद्रमंडीह थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर जंगल में एक साल से झोपड़ी बना कर रह रहे 250 आदिवासियों को वन विभाग ने हटाकर जला दिया। घटना के विरोध में लक्ष्मीपुर, बनाडीह, केवाल, नोनतारा, कांशा, बथनावरन गांव की आदिवासी महिलाओं ने पारंम्परिक हथियार, नगाड़ा, हसुआ लेकर सिमुलतला वन कार्यालय का घेराव किया।

उनका कहना था कि लक्ष्मीपुर जंगल में पिछले एक साल से से झोपड़ी बनाकर रह रहे थे। दो दिन पहले केवाल और सिमुलतला वन विभाग के पदाधिकारियों ने झोपड़ी हटाने के लिए कहा और आज आग लगाकर जला दिया। इसके साथ ही बताया की वह लोग भूमिहीन है कहां रहेंगे।

वह लोग कई सालों से जंगल में ही रहते आ रहे है। जब तक उन लोगों का फैसला नहीं होगा, वह लोग यहां से नहीं हटेंगे। इस संबंध में चकाई रेंजर संजय कुमार से बातचीत करने पर उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की ओर से जो आरोप लगाया गया है, वह गलत है। ग्रामीण अंचलाधिकारी जब जमीन को आवंटित कर देंगे तब उनको रहने दिया जाएगा।

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