WhatsApp चलाने वाले शेयर बाजार निवेशक सावधान, इन ग्रुप्स से रहें सावधान, जानिए क्यों?

स्कैमर्स खुद को बड़े फंड हाउसों का मेंबर बताकर WhatsApp यूजर्स को ग्रुप इनवाइट भेजते हैं. इस बीच वे मैसेज के माध्यम से हाई-क्वालिटी इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो और रोज स्टॉक रेकमेंडेशन्स प्रदान करने का भी वादा करते हैं.

WhatsApp चलाने वाले शेयर बाजार निवेशक सावधान, इन ग्रुप्स से रहें सावधान, जानिए क्यों?

भारत में फिलहाल फाइनेंशियल फ्रॉड के लिए WhatsApp और Telegram जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. फ्रॉडस्टर्स फेमस ब्रांड्स और प्रोफेशनल होने का दिखावा करके फेक इन्वेस्टमेंट ग्रुप बनाते हैं, जिसमें वह नकली स्टॉक टिप्स और ट्रेडिंग कोर्सेस ऑफर करते हैं. TOI के मुताबिक, स्कैमर्स खुद को बड़े फंड हाउसों का मेंबर बताकर WhatsApp यूजर्स को ग्रुप इनवाइट भेजते हैं. इस बीच वे मैसेज के माध्यम से हाई-क्वालिटी इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो और रोज स्टॉक रेकमेंडेशन्स प्रदान करने का भी वादा करते हैं.

कैसे दिया जाता है स्कैम को अंजाम
इस स्कैम को कई स्टेप्स में अंजाम दिया जाता है, लेकिन इसकी शुरूआत एक WhatsApp ग्रुप के क्रिएट करने से होती है. इसके बाद लोगों को रैंडम इन्वेस्टमेंट ग्रुप्स में जोड़ा जाता है. इस दौरान एक साथ कई ग्रुप बनाए जाते हैं. इनमें कुछ फेमस इन्वेस्टर्स की प्रोफइल और क्रेडेंशियल्स शेयर की जाती हैं. इस बीच नए इन्वेस्टमेंट अवसरों के बारे में बताया जाता है. उस ग्रुप को सफल मान लिया जाता है, जो ज्यादा से ज्यादा निवेश आकर्षित करता है, बाकी जो ऐसा करने में नाकाम रहता है, उसे छोड़ दिया जाता है. इस बीच एक्टिव मेंबर्स को बड़े रिवार्ड्स के साथ स्पेशल प्रोग्राम्स में ट्रांसफर किया जाता है.

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, ये स्कैमर्स विश्वास हासिल करने के लिए पोरिन्जू वेलियाथ और अजय कचोलिया जैसे फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स होने का दावा भी करते हैं. ग्रुप चैट्स ज्यादातर स्क्रिप्टेड होती हैं. फ्रॉडस्टर्स लोगों को लुभाने के लिए नई ट्रिक्स अपनाते हैं. इनमें से आजकल FOMO (Fear of missing out), जल्दबाजी और फ्री ट्रेल ऑफरिंग जैसी ट्रिक्स ज्यादा इस्तेमाल की जा रही हैं. जैसे ही लोग लालच में आकर अपना पैसा निवेश के मकसद से दे देते हैं, ये लोग गायब हो जाते हैं.

इससे कैसे बचें

अगर किसी अनजान सोर्स से आपको कोई फाइनेंशियल अपोर्चुनिटी ऑफर की जा रही है, तो सबसे पहले उसे वेरीफाई करें.

किसी अनजान सोर्स से आए लिंक पर क्लिक करने या ऐप्स डाउनलोड करने से बचें, क्योंकि इसमें मैलवेयर हो सकता है, जो आपके स्मार्टफोन का कंट्रोल पा सकता है.

उन इन्वेस्टमेंट प्रोपोजल्स को ध्यान से चेक करें, जो कम रिस्क के साथ ज्यादा रिटर्न का वादा करते हैं.

ट्रांजैक्शंस और इन्वेस्टमेंट केवल विश्वसनीय और जाने-मानें प्लेटफार्मों के जरिए ही करें और किसी भी अनऑथोराइज एक्टिविटी के लिए नियमित रूप से अपने अकाउंट की निगरानी करें.