नासिक TCS कांड: फरार 'मास्टरमाइंड' निदा खान का बड़ा दावा—"मैं प्रेग्नेंट हूँ", कोर्ट से मांगी राहत!
नासिक TCS धर्मांतरण मामले की मुख्य आरोपी निदा खान ने कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। प्रेग्नेंसी का हवाला देकर राहत की मांग, जानें SIT जांच और मामले के ताजा अपडेट्स।
नासिक TCS कांड: फरार 'मास्टरमाइंड' निदा खान का चौंकाने वाला खुलासा, 'प्रेग्नेंसी' का हवाला देकर कोर्ट से मांगी सुरक्षा
नासिक/मुंबई (न्यूज डेस्क): देश की दिग्गज आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के नासिक बीपीओ यूनिट में चल रहे कथित 'धर्मांतरण सिंडिकेट' और 'वर्कप्लेस उत्पीड़न' के मामले ने अब एक नया कानूनी मोड़ ले लिया है। मामले की मुख्य आरोपी और अब तक फरार चल रही निदा खान ने नासिक कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
निदा खान के परिवार और कानूनी टीम ने दावा किया है कि वह गर्भवती (Pregnant) है और इसी मेडिकल आधार पर उसने अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) की मांग की है।
1. निदा खान का दावा और कोर्ट में अर्जी
पुलिस की कई टीमों द्वारा भिंडी और मुंबई के अन्य इलाकों में तलाशी के बीच, निदा खान ने अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए कानूनी कवच मांगा है।
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मेडिकल आधार: याचिका में कहा गया है कि वह अपने पहले बच्चे की उम्मीद कर रही है और जेल की स्थिति उसकी सेहत के लिए जोखिम भरी हो सकती है।
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स्थान: रिपोर्ट्स के अनुसार, निदा फिलहाल मुंबई में है और अपने वकीलों के जरिए नासिक सत्र न्यायालय (Nashik Sessions Court) में राहत की गुहार लगा रही है।
2. नासिक TCS केस: अब तक क्या हुआ?
नासिक स्थित TCS के बीपीओ यूनिट में महिला कर्मचारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों पर 'लव जिहाद', मानसिक प्रताड़ना और जबरन नमाज पढ़ाने के गंभीर आरोप लगाए थे।
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आरोप: निदा खान पर आरोप है कि उसने एचआर (HR) मैनेजर (या कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार सीनियर टेलीकॉलर) के पद पर रहते हुए इन शिकायतों को नजरअंदाज किया और आरोपी पुरुष सहयोगियों का साथ दिया।
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SIT की जांच: महाराष्ट्र सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) अब तक 7 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर चुका है।
पुलिस ने रिसॉर्ट्स के सीसीटीवी फुटेज और ईमेल ट्रेल्स भी जब्त किए हैं।
3. 'मास्टरमाइंड' या कूटनीतिक शिकार?
सोशल मीडिया पर निदा खान को इस पूरे रैकेट की 'लेडी कैप्टन' और 'मास्टरमाइंड' बताया जा रहा है। हालांकि, उसके परिवार ने इन आरोपों को 'बजरंग दल की साजिश' करार दिया है।
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पुलिस का पक्ष: नासिक पुलिस का कहना है कि निदा खान की गिरफ्तारी पूछताछ के लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि डिजिटल साक्ष्य बताते हैं कि उसने पीड़ित लड़कियों पर दबाव बनाने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया।
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विदेशी फंडिंग: SIT इस एंगल की भी जांच कर रही है कि क्या इस कथित धर्मांतरण सिंडिकेट को विदेश (खासकर मलेशिया या खाड़ी देशों) से कोई आर्थिक मदद मिल रही थी।
4. कॉर्पोरेट जगत में हड़कंप
TCS ने इस मामले पर आंतरिक जांच शुरू कर दी है और कहा है कि वे कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं। इस घटना ने भारत के आईटी सेक्टर में POSH (Prevention of Sexual Harassment) कानूनों के क्रियान्वयन और एचआर की जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या कोर्ट देगी राहत?
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि 'प्रेग्नेंसी' एक मजबूत मानवीय आधार है, लेकिन अपराध की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट निदा खान को कड़ी शर्तों के साथ जांच में शामिल होने का आदेश दे सकती है। फिलहाल, नासिक और आसपास के इलाकों में तनाव बना हुआ है और हिंदू संगठनों ने आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की है।





