साइकिल से भारत भ्रमण कर रहे किरण सेठ पहुंचे सुपौल:जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्राओं से की मुलाकात, योग और लोक कला का बताया महत्व
भारतीय कला एवं सांस्कृतिक धरोहरों के बारे में लोगों को बताने के लिए डॉ किरण सेठ साइकिल से भारत भ्रमण कर रहे है। वह पिछले दो साल से घूम रहे है और आईआईटी दिल्ली में प्रोफेसर होने के साथ इनको पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है। अपने यात्रा के क्रम में डॉ सेठ मंगलवार को सुपौल पहुंचे। जिला मुख्यालय स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में उन्होंने छात्र-छात्राओं से बातचीत किया। एक घंटे तक चले सेमिनार में उन्होंने एकाग्रता और योग के महत्व को बताया। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह पिछले दो साल में 13 हजार किलोमीटर की यात्रा तय कर चुके है। इस दौरान देश के कई स्कूलों और कॉलेजों में गए। वहां पढ़ने वाले बच्चों को भारतीय संस्कृति की जीवन शैली, हरियाली का महत्त्व और लोक कला जैसे कई विषयों को लेकर जागरूक किया। अपने यात्रा को लेकर कहा कि 15 अगस्त 2022 को जम्मू कश्मीर से साइकिल से यात्रा की शुरुआत की थी। पहले चरण में कश्मीर से कन्या कुमारी तक गए। इसके बाद कन्या कुमारी से नागपुर, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, झारखंड, बिहार और बंगाल होते हुए असम पहुंचे। वहा पर गुवाहाटी से वापस दिल्ली जा रहे है। उन्होंने आगे कहा कि स्पीक मैके के तहत वह पिछले 46 सालों से देश की संस्कृति और सभ्यता को लोगों तक पहुंचाने का काम कर रहे है। यह संस्था मुख्य रूप से योग, एकाग्रता और समाज में हरियाली के महत्व को लेकर लोगों को जागरूक करने का काम करती है। है।
भारतीय कला एवं सांस्कृतिक धरोहरों के बारे में लोगों को बताने के लिए डॉ किरण सेठ साइकिल से भारत भ्रमण कर रहे है। वह पिछले दो साल से घूम रहे है और आईआईटी दिल्ली में प्रोफेसर होने के साथ इनको पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है। अपने यात्रा के क्रम में डॉ सेठ मंगलवार को सुपौल पहुंचे। जिला मुख्यालय स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में उन्होंने छात्र-छात्राओं से बातचीत किया। एक घंटे तक चले सेमिनार में उन्होंने एकाग्रता और योग के महत्व को बताया।
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह पिछले दो साल में 13 हजार किलोमीटर की यात्रा तय कर चुके है। इस दौरान देश के कई स्कूलों और कॉलेजों में गए। वहां पढ़ने वाले बच्चों को भारतीय संस्कृति की जीवन शैली, हरियाली का महत्त्व और लोक कला जैसे कई विषयों को लेकर जागरूक किया। अपने यात्रा को लेकर कहा कि 15 अगस्त 2022 को जम्मू कश्मीर से साइकिल से यात्रा की शुरुआत की थी। पहले चरण में कश्मीर से कन्या कुमारी तक गए।
इसके बाद कन्या कुमारी से नागपुर, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, झारखंड, बिहार और बंगाल होते हुए असम पहुंचे। वहा पर गुवाहाटी से वापस दिल्ली जा रहे है। उन्होंने आगे कहा कि स्पीक मैके के तहत वह पिछले 46 सालों से देश की संस्कृति और सभ्यता को लोगों तक पहुंचाने का काम कर रहे है। यह संस्था मुख्य रूप से योग, एकाग्रता और समाज में हरियाली के महत्व को लेकर लोगों को जागरूक करने का काम करती है। है।
Source:-https://www.bhaskar.com/





