मां विषहरी प्राण प्रतिष्ठा और शतचंडी यज्ञ शुरू:गंगा घाट से निकाली गई कलश शोभा यात्रा, हजारों की संख्या में शामिल हुए लोग; सत्संग का भी होगा आयोजन

तेघड़ा नगर परिषद क्षेत्र के बजलपुरा गांव में मां विषहरी मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा और शतचंडी महायज्ञ कलश शोभा यात्रा के साथ शुरू हो गया। कलश शोभा यात्रा बजलपुरा गंगा घाट से निकाली गई। जिसमें हजारों की संख्या में कन्या, श्रद्धालु और स्थानीय लोग शामिल हुए। कलश शोभा यात्रा गंगा तट से चलकर विभिन्न मोहल्लों से होते हुए यज्ञ स्थल पर आकर सम्पन्न हुई। आयोजन समिति के संयोजक सत्येंद्र प्रसाद सुधांशु ने बताया कि पौराणिक मान्यता और व्यवस्थाओं को जीवंत बनाते हुए सौ वर्ष प्राचीन मंदिर जो काफी पुराना हो गया था। जिसे नया बनाया गया है। काशी के विद्वान पंडित यज्ञ संपन्न कराएंगे मंदिर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा को लेकर यज्ञ का आयोजन किया गया है। यह पांच दिवसीय आयोजन आज से प्रारंभ हुआ। काशी के विद्वान पंडित यज्ञ संपन्न कराएंगे। संगीतमय सांस्कृतिक कार्यक्रम है, इसमें प्रसिद्ध गजल गायक धीरज कांत और उनके अन्य मंडली के कलाकार आ रहे हैं, सत्संग का भी आयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि मां विषहरी का यह मंदिर आस्था का अद्भुत केंद्र है। मान्यता है कि इस क्षेत्र के जो लोग सर्प दंश या विषधर जीव दंश का शिकार हो जाते हैं या अन्य छोटे-मोटे जादू टोना का शिकार होते हैं तो वह यहां आते हैं। प्रसाद पाकर ठीक हो जाते हैं। अति प्राचीन मूर्ति पिंडी के रूप में स्थापित थी। 5 वर्षों से स्थानीय लोगों के सहयोग से भव्य मंदिर का निर्माण चल रहा था।

मां विषहरी प्राण प्रतिष्ठा और शतचंडी यज्ञ शुरू:गंगा घाट से निकाली गई कलश शोभा यात्रा, हजारों की संख्या में शामिल हुए लोग; सत्संग का भी होगा आयोजन

तेघड़ा नगर परिषद क्षेत्र के बजलपुरा गांव में मां विषहरी मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा और शतचंडी महायज्ञ कलश शोभा यात्रा के साथ शुरू हो गया। कलश शोभा यात्रा बजलपुरा गंगा घाट से निकाली गई। जिसमें हजारों की संख्या में कन्या, श्रद्धालु और स्थानीय लोग शामिल हुए।कलश शोभा यात्रा गंगा तट से चलकर विभिन्न मोहल्लों से होते हुए यज्ञ स्थल पर आकर सम्पन्न हुई। आयोजन समिति के संयोजक सत्येंद्र प्रसाद सुधांशु ने बताया कि पौराणिक मान्यता और व्यवस्थाओं को जीवंत बनाते हुए सौ वर्ष प्राचीन मंदिर जो काफी पुराना हो गया था। जिसे नया बनाया गया है।

काशी के विद्वान पंडित यज्ञ संपन्न कराएंगे

मंदिर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा को लेकर यज्ञ का आयोजन किया गया है। यह पांच दिवसीय आयोजन आज से प्रारंभ हुआ। काशी के विद्वान पंडित यज्ञ संपन्न कराएंगे। संगीतमय सांस्कृतिक कार्यक्रम है, इसमें प्रसिद्ध गजल गायक धीरज कांत और उनके अन्य मंडली के कलाकार आ रहे हैं, सत्संग का भी आयोजन किया गया है।उन्होंने बताया कि मां विषहरी का यह मंदिर आस्था का अद्भुत केंद्र है। मान्यता है कि इस क्षेत्र के जो लोग सर्प दंश या विषधर जीव दंश का शिकार हो जाते हैं या अन्य छोटे-मोटे जादू टोना का शिकार होते हैं तो वह यहां आते हैं। प्रसाद पाकर ठीक हो जाते हैं। अति प्राचीन मूर्ति पिंडी के रूप में स्थापित थी। 5 वर्षों से स्थानीय लोगों के सहयोग से भव्य मंदिर का निर्माण चल रहा था।

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