73 साल के हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
नीतीश कुमार का जन्म 1 मार्च 1951 को बिहार के छोटे से गांव बख्तियारपुर में हुआ था । नीतीश कुमार का नाम पुरे देशभर में विख्यात हुआ। कभी अपनी योजनाओं से बिहार की तस्वीर बदलने के लिए तो कभी पाला बदलने के लिए। नीतीश कुमार ने 9 वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर एक इतिहास रचा है। नीतीश कुमार जब 115 विधायकों की पार्टी के मुखिया हुआ करते थे उस समय भी मुख्यमंत्री थे और आज जब उनके पास मात्र 45 विधायक बचे है तब भी मुख्यमंत्री है। आज उनका 73 वां जन्मदिन है। नीतीश कुमार ने बिहार कॉलेज ऑफ़ इंजीनियर (जो अब NIT है ) में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढाई करने लगे। इसके बाद उन्होंने आधे मन से बिहार बिजली विभाग में नौकरी जॉइन की।
जयप्रकाश नारायण की अगुआई में हुए छात्र आंदोलन में नीतीश कुमार का नाम पहली बार उभरा और यहीं से उन्होंने राजनीति की शुरुआत की। इसके बाद वह रुके नहीं और आज राजनीति के करियर शिखर पर हैं। नीतीश कुमार के दोस्त कौशल किशोर ने बताया कि जब नीतीश कुमार कॉलेज में पढ़ रहे थे उसी उक्त उनकी शादी तय हो गई थी। उन्हें देखने के लिए उनकी पत्नी के फूफा हॉस्टल आए थे। तब उनके सभी दोस्त ने ही मिलकर ससुराल वालों का स्वागत किया था। नीतीश कुमार ने सीधे कहा था जहां उनके माता -पिता चाहेंगे ,वहां वह शादी कर लेंगे ,इसलिए उन्हें इस शादी से कोई ऐतराज़ नहीं है। पर जब उन्हें पता चला कि उनकी शादी के लिए दहेज़ लिया जा रहा है तो वह काफी गुस्सा हुए। नीतीश कुमार दहेज़ के खिलाफ थे ,उन्होंने अपनी शादी के कार्ड में भी "दहेज़ मुक्त विवाह " लिखा था। कुछ और भी लाइनें थी " तिलक दहेज़ एवं शोषण युक्त कुप्रथाओं से मुक्त एक आदर्श विवाह "।
नीतीश कुमार मार्च 2000 में पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बने लेकिन बहुमत कम होने के कारण मात्र 7 दिनों के भीतर ही उन्हें मुख्यमत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। कुछ साल बाद 2005 में फिर से चुनाव में उतरे और जनता ने पुरे समर्थन के साथ मुख्यमत्री बनाया और तब से लेकर आजतक 9वीं बार मुख्यमंत्री बन चुके है। नीतीश कुमार की कुछ योजनाए जैसे -'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना ' और' बिहार की महिला करे पुकार ,शराबमुक्त हो मेरा बिहार ' ने बिहार की छवि ही बदल दी।





