मोहिनी एकादशी पर क्या करें और क्या न करें:

भगवान विष्णु की पूजा-व्रत कर रहे हैं तो गुस्सा और नशा न करें, शाम को तुलसी के पास जलाएं दीपक

मोहिनी एकादशी पर क्या करें और क्या न करें:

कल (रविवार, 19 मई) को वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी है। इसे मोहिनी एकादशी कहते हैं। ये भगवान विष्णु की विशेष पूजा और व्रत करने का दिन है। जानिए मोहिनी एकादशी से जुड़ी खास बातें और इस दिन क्या करें और क्या न करें...

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक पुराने समय में देवता और दानवों ने मिलकर समुद्र मंथन किया था। उस समय मंथन में अमृत निकला तो इसे पाने के लिए देवता और दानवों में युद्ध होने लगा। अमृत देवताओं को मिले, इसके लिए भगवान विष्णु ने इसी तिथि पर मोहिनी रूप में अवतार लिया था। मोहिनी रूप में अमृत लेकर देवताओं को इसका पान करवाया था।

मोहिनी एकादशी पर कर सकते हैं ये शुभ काम

  • इस तिथि पर किए गए पूजन से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं। व्रत करने वाले व्यक्ति को सुबह जल्दी उठना चाहिए।
  • सुबह स्नान के बाद सूर्य देव को जल चढ़ाएं। इसके लिए तांबे के लोटे का इस्तेमाल करें। ऊँ सूर्याय नम: मंत्र का जप करें।
  • गणेश जी पूजा करें, इसके बाद भगवान विष्णु का पूजन करें और भगवान के सामने व्रत करने का संकल्प लें।
  • व्रत करने वाले भक्त को दिनभर निराहार रहना चाहिए। अगर ये संभव न हो तो फलाहार कर सकते हैं। शाम को भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए।
  • एकादशी की सुबह तुलसी को जल चढ़ाएं और शाम को तुलसी के पास गाय के शुद्ध घी का दीपक जलाना चाहिए। तुलसी परिक्रमा करें।
  • एकादशी पर भगवान विष्णु को खीर, पीले फल या पीले रंग की मिठाई का भोग लगाएं। इस दिन दक्षिणावर्ती शंख में गंगाजल भरकर उससे भगवान विष्णु का अभिषेक करना चाहिए। अगर आप चाहें तो दूध में केसर मिलाकर भी भगवान विष्णु का अभिषेक कर सकते हैं।
  •  मंदिर में अन्न (गेहूं, चावल आदि) का दान करें। भगवान विष्णु को पीतांबरधारी भी कहते हैं, इसलिए एकादशी पर उन्हें पीले वस्त्र अर्पित करना चाहिए। भगवान विष्णु को तुलसी की माला चढ़ाएं।

मोहिनी एकादशी पर न करें ये काम

एकादशी पर गुस्सा न करें। घर में किसी भी तरह का वाद-विवाद या क्लेश करने से बचना चाहिए। व्रत करने वाले व्यक्ति को ईमानदारी से काम करना चाहिए और गलत कामों से बचना चाहिए। सुबह देर तक न सोएं। किसी भी तरह का नशा न करें।