पश्चिमी एशिया में युद्ध और हमलों के चलते बढ़े तनाव पर दुखी है भारत, विदेश मंत्रालय ने जाहिर की चिंता
पश्चिमी एशिया में मची उथल-पुथल से भारत चिंतित हो गया है। इजरायल से लेकर फिलिस्तीन तक और ईरान से सीरिया तक लगातार युद्ध और हमले का गढ़ बन गए हैं। इससे पश्चिम एशिया का तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। हाल में इजरायली हमले में सीरिया में ईरानी दूतावास के कई कर्मचारी मारे गए हैं।
पश्चिमी एशिया में लगातार युद्ध और हमले के हालात ने भारत को चिंता में डाल दिया है। भारत ने तीन दिन पहले सीरिया की राजधानी दमिश्क में ईरानी राजनयिक परिसर पर हुए घातक हमले पर बृहस्पतिवार को चिंता व्यक्त की। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से व्यथित है। उल्लेखनीय है कि ईरान ने एक अप्रैल को हुए इस हमले के लिए इज़रायल को जिम्मेदार बताया था और कहा कि इसका बदला लिया जाएगा।
ईरानी मीडिया के अनुसार, हमले में दो जनरल सहित सात रिवोल्यूशनरी गार्ड कर्मी मारे गए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘‘हमने एक अप्रैल को सीरिया में ईरानी राजनयिक परिसर पर हुए हमले पर चिंता व्यक्त की है। भारत पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और आगे हिंसा तथा अस्थिरता को बढ़ावा देने की इसकी क्षमता को लेकर व्यथित है।’’ उन्होंने कहा, "हम सभी पक्षों से ऐसे कार्यों से बचने का आग्रह करते हैं जो आम तौर पर स्वीकृत सिद्धांतों और अंतरराष्ट्रीय कानून के मानदंडों के विपरीत हैं।" जायसवाल की टिप्पणी हमले के संबंध में एक सवाल के जवाब में आई।
गाजा में इजरायल का हमला जारी
यह हमला गाजा में इजरायल के जारी सैन्य अभियान के बीच हुआ। पिछले साल सात अक्टूबर को हमास द्वारा इजरायली शहरों पर किए गए अभूतपूर्व हमले के जवाब में गाजा में इजरायल अपना सैन्य आक्रमण जारी रखे हुए है। हमास ने सात अक्टूबर को इज़रायल में लगभग 1,200 लोगों को मार डाला था और 220 से अधिक लोगों का अपहरण कर लिया था, जिनमें से कुछ को संक्षिप्त युद्धविराम के दौरान रिहा कर दिया गया। गाजा में हमास के अधिकारियों के अनुसार, इजरायल के हमले में गाजा में 30 हजार से अधिक लोग मारे गए हैं। (भाषा)
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